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31 की वो रात

भोर का वो समय

के तुमने मोहब्बत नहीं मेरी आदतें बिगाङी हैं

उफ़ ये इंसान

वो महीम रेशे

Too Much To Handle!

फिर मिलेंगे हम

क्या वो भी इस कद्र हमें याद करते होंगे

Losing you and losing myself

मेरी चौकोर बिंदी

it does't take time for time to change